- अक्षर प्रति पाद
- 11
- प्रकार
- समवृत्त — चारों पाद समान
- गण
- bha bha bha ga ga
चार पाद, प्रत्येक 11 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।
लक्षण
1–⏑⏑–⏑⏑–⏑⏑––
2–⏑⏑–⏑⏑–⏑⏑––
3–⏑⏑–⏑⏑–⏑⏑––
4–⏑⏑–⏑⏑–⏑⏑––
चिह्न कैसे पढ़ें
- ⏑लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
- –गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
- पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
- यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।
उदाहरण
तं परिलोच्य मनोरमदेहो
गौरशशी करम् अस्य विधृत्य ।
पाणिदलेन तदात्मसमीपं
स्नानरसाय निनाय कृपालुः
taṁ parilocya manorama-deho
gaura-śaśī karam asya vidhṛtya |
pāṇi-dalena tad-ātma-samīpaṁ
snāna-rasāya nināya kṛpāluḥ
चैतन्यचरितामृत महाकाव्य 17.47श्लोक खोलें