- अक्षर प्रति पाद
- 12
- प्रकार
- समवृत्त — चारों पाद समान
- गण
- ta ta ja ra
चार पाद, प्रत्येक 12 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।
लक्षण
1––⏑––⏑⏑–⏑–⏑–
2––⏑––⏑⏑–⏑–⏑–
3––⏑––⏑⏑–⏑–⏑–
4––⏑––⏑⏑–⏑–⏑–
चिह्न कैसे पढ़ें
- ⏑लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
- –गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
- पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
- यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।
उदाहरण
तद्वाग्विसर्गो जनताघविप्लवो यस्मिन् प्रतिश्लोकम् अबद्धवत्यपि
नामान्यनन्तस्य यशो ऽङ्कितानि यत् शृण्वन्ति गायन्ति गृणन्ति साधवः
tadvāgvisargo janatāghaviplavo yasmin pratiślokam abaddhavatyapi
nāmānyanantasya yaśo 'ṅkitāni yat śṛṇvanti gāyanti gṛṇanti sādhavaḥ
श्रीमद्भागवतम् 1.5.11श्लोक खोलें