छन्द

Indravaṃśā

इन्द्रवंशाindravaṃśā

अक्षर प्रति पाद
12
प्रकार
समवृत्त — चारों पाद समान
गण
ta ta ja ra

चार पाद, प्रत्येक 12 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।

लक्षण

1
2
3
4

चिह्न कैसे पढ़ें

  • लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
  • गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
  • पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
  • यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।

उदाहरण

द्वाग्विर्गो ताविप्लवो स्मिन् प्रतिश्लोकम् द्धत्यपि
नामान्यन्तस्य शो ऽङ्कितानि यत् शृण्वन्ति गान्ति गृन्ति सावः

tadvāgvisargo janaghaviplavo yasmin pratiślokam abaddhavatyapi
nyanantasya yaśo 'ṅkini yat śṛṇvanti yanti gṛṇanti dhavaḥ

श्रीमद्भागवतम् 1.5.11श्लोक खोलें