छन्द

Śikhariṇī

शिखरिणीśikhariṇī

अक्षर प्रति पाद
17
प्रकार
समवृत्त — चारों पाद समान
गण
ya ma na sa bha la ga
यति अक्षर के बाद
6

चार पाद, प्रत्येक 17 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।

लक्षण

1
2
3
4

चिह्न कैसे पढ़ें

  • लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
  • गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
  • पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
  • यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।

उदाहरण

पुरा ल्पापाये स्व-कृतम् री-कृत्य विकृतं
त्वम् वाद्यस् स्मिन् लि गेन्द्राधिने
पुमान् शेषे सिद्धैर् हृदि विमृशिताध्यात्म-विः
वाद्याक्ष्णोर् यः थि सि भृत्यान् सि नः

pu kalpāye sva-kṛtam uda-kṛtya vikṛtaṃ
tvam edyas tasmin salila uragendrādhiśayane
pun śeṣe siddhair hṛdi vimṛśidhyātma-padaviḥ
sa edyākṣṇor yaḥ pathi carasi bhṛtyān avasi naḥ

श्रीमद्भागवतम् 4.7.42श्लोक खोलें