छन्द

Sragdharā

स्रग्धराsragdharā

अक्षर प्रति पाद
21
प्रकार
समवृत्त — चारों पाद समान
गण
ma ra bha na ya ya ya
यति अक्षर के बाद
7 · 14

चार पाद, प्रत्येक 21 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।

लक्षण

1
2
3
4

चिह्न कैसे पढ़ें

  • लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
  • गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
  • पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
  • यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।

उदाहरण

न्येद्युर् गौन्द्रो निहितो क्तिशिक्षां विन्वन्न्
त्यन्ताश्चर्यचेष्टः वाद्यैर् भृशं भानीयः
कुज्ञानाद्यैः न्तात् लम् नुपुरं देतानां निकेतं
न्मार्जन्या क्रे ति सुविदितो मार्जितं श्वद्

anyedyur gauracandro nija-jana-sahito bhakti-śikṣāṁ vitanvann
atyantāścarya-ceṣṭaḥ kamala-bhava-bhadyair bhṛśaṁ bhāvayaḥ |
kujñādyaiḥ samantāt sakalam anupuraṁ devanāṁ niketaṁ
sanmārjanyā ca cakre jagati suvidito rjitaṁ śaśvad eva

चैतन्यचरितामृत महाकाव्य 7.107श्लोक खोलें