छन्द

Svāgatā

स्वागताsvāgatā

अक्षर प्रति पाद
11
प्रकार
समवृत्त — चारों पाद समान
गण
ra na bha ga ga

चार पाद, प्रत्येक 11 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।

लक्षण

1
2
3
4

चिह्न कैसे पढ़ें

  • लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
  • गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
  • पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
  • यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।

उदाहरण

प्रेसा वीमा
श्याले विपिनं प्रविन्तः
त्पुरो ने विलासं
विद्युतां धुर् मूर् व्रध्वः

preya saha nana-tala-
śyāmalena vipinaṁ praviśantaḥ |
tat-puro nava-ghanena visaṁ
vidyutāṁ dadhur ar vraja-vadhvaḥ

चैतन्यचरितामृत महाकाव्य 9.3श्लोक खोलें