- अक्षर प्रति पाद
- 14
- प्रकार
- समवृत्त — चारों पाद समान
- गण
- ta bha ja ja ga ga
- यति अक्षर के बाद
- 8
चार पाद, प्रत्येक 14 अक्षर का; चारों एक-से बने हैं।
लक्षण
1––⏑–⏑⏑⏑–⏑⏑–⏑––
2––⏑–⏑⏑⏑–⏑⏑–⏑––
3––⏑–⏑⏑⏑–⏑⏑–⏑––
4––⏑–⏑⏑⏑–⏑⏑–⏑––
चिह्न कैसे पढ़ें
- ⏑लघु — छोटा अक्षरएक मात्रा। छोटा और हल्का बोला जाता है।
- –गुरु — दीर्घ अक्षरदो मात्राएँ: लघु से ठीक दुगुना खिंचता है। पंक्ति में उस पर हल्की छाया भी रहती है।
- पाद-सीमाश्लोक चार चरणों — पादों — में बँटा होता है। सीमा पर छोटा विराम।
- यतिलम्बे पाद के भीतर साँस लेने का स्थान। छोटी और हल्की रेखा।
उदाहरण
वेणुं क्वणन्तम् अरविन्द-दलायताक्षम् बर्हावतंसम् असिताम्बुद-सुन्दराङ्गम् कन्दर्प-कोटि-कमनीय-विशेष-शोभं गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि
veṇuṃ kvaṇantam aravinda-dalāyatākṣam barhāvataṃsam asitāmbuda-sundarāṅgam kandarpa-koṭi-kamanīya-viśeṣa-śobhaṃ govindam ādi-puruṣaṃ tam ahaṃ bhajāmi
ब्रह्मसंहिता 5.30श्लोक खोलें