प्रमेयरत्नावली
Gradation among the souls6.1-ghaबलदेव विद्याभूषण
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प्रमेयरत्नावली · 6.1-gha
॥
देवनागरी

आह चैव सूत्रकारः—गुणाद् वालोकवत् ॥

लिप्यंतरण (IAST)

āha caiva sūtrakāraḥ—guṇād vālokavat ||

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
आह चैव सूत्रकारःāha caiva sūtrakāraḥи составитель сутр говорит
गुणाद् वाguṇād vāили — свойством
लोकवत्lokavatкак свет
अनुवाद

И составитель сутр говорит: «Или — свойством, как свет».

संस्करण

5e4b0a5835b9 · प्रकाशित 30 सित॰ 2026, 8:31:07 pm UTC

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