प्रमेयरत्नावली
The three means of knowledge9.4बलदेव विद्याभूषण
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प्रमेयरत्नावली · 9.4
॥
देवनागरी

अनुकूलो मतस् तर्कः शुष्कस् तु परिवर्जितः ॥4॥

लिप्यंतरण (IAST)

anukūlo matas tarkaḥ śuṣkas tu parivarjitaḥ ||4||

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
अनुकूलो मतस् तर्कःanukūlo matas tarkaḥрассуждение, согласное (с шрути), принимается
शुष्कस् तु परिवर्जितःśuṣkas tu parivarjitaḥсухое же отвергается
अनुवाद

Рассуждение, согласное (с шрути), принимается, а сухое — отвергается.

संस्करण

f64d6b15fa18 · प्रकाशित 30 सित॰ 2026, 8:34:53 pm UTC

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