vaishnava

श्रीपद्यावली

रचयिता: रूप गोस्वामी (संकलनकर्ता)

रूप गोस्वामी द्वारा संकलित पद्य-संग्रह: लगभग डेढ़ सौ कवियों के ३८८ श्लोक — अमरु और बाण से लेकर श्री चैतन्य, माधवेन्द्र पुरी और सार्वभौम भट्टाचार्य तक। क्रम है: कृष्ण-महिमा, नाम-महिमा और कीर्तन; भक्तों का दैन्य, निष्ठा और उत्कण्ठा; मथुरा और वृन्दावन, शैशव, वंशी; नायिका-भेद; रास और जल-क्रीड़ा; और अन्त में मथुरा-प्रस्थान के बाद का विरह तथा कुरुक्षेत्र-मिलन।

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The Message Spoken Plainly

62
अध्याय 62 — The Message Spoken Plainly2 श्लोक