पुस्तकालयषट्सन्दर्भ
vaishnava
षट्सन्दर्भ
जीव गोस्वामी के छह ग्रन्थ वृन्दावन के आचार्यों के समस्त सिद्धान्त का संग्रह हैं। छहों की पद्धति एक है: श्रीमद्भागवत का एक श्लोक लेकर पद-पद व्याख्या की जाती है, समस्त शास्त्र उसके चारों ओर खींचा जाता है, और निर्णय दिया जाता है। तत्त्व प्रमाण स्थापित करता है, भगवत् भगवान् की व्यक्तिता, परमात्मा अन्तर्यामी, कृष्ण स्वयं भगवान्, भक्ति अभिधेय, प्रीति प्रयोजन। पाठ्य इकाई अनुच्छेद है।
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