श्रीगोविन्दलीलामृत
The beauty of Rādhā48कृष्णदास कविराज गोस्वामी
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श्रीगोविन्दलीलामृत · 48
॥
देवनागरी

तद्वाक्तृप्तावृन्दावादीत्

लिप्यंतरण (IAST)

tad-vāk-tṛptāvṛndāvādīt

छन्द अज्ञात

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
तद्-वाक्-तृप्ताtad-vāk-tṛptāнасытившись её словами
वृन्दावादीत्vṛndāvādītВринда сказала
अनुवाद

Насытившись её словами, сказала Вринда:

संस्करण

b6124e2cfaf3 · प्रकाशित 27 सित॰ 2026, 4:59:46 pm UTC

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