पुस्तकालयउपनिषद्दत्तात्रेय उपनिषद्
vaishnava

उपनिषद्

उपनिषद् — वैदिक परंपरा का दार्शनिक सार, जो ब्रह्म, आत्मा, ज्ञान, कर्म और मोक्ष के स्वरूप को प्रकट करता है। दस प्रमुख उपनिषदों के साथ चुनी हुई लघु वैष्णव उपनिषदें।

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दत्तात्रेय उपनिषद्

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अध्याय 1 — Даттатрея-упанишада30 श्लोक

On Dattātreya — the son of Atri, in whom tradition sees an appearance of the Lord Himself: name, mantra, form. Hence its chief word: He did not give a gift, He "gave Himself."