आनन्दवृन्दावनचम्पूः
The cart and Tṛṇāvarta4.17gकवि कर्णपूर
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आनन्दवृन्दावनचम्पूः · 4.17g
॥
देवनागरी

इति भूयो मूर्च्छति ॥17॥

लिप्यंतरण (IAST)

iti bhūyo mūrcchati ||17||

अनुवाद

Сказав так, она снова лишилась чувств.

संस्करण

2aee39c7f605 · प्रकाशित 28 सित॰ 2026, 10:42:39 pm UTC

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