कृष्णाह्निककौमुदी
Midday4.235कवि कर्णपूर
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कृष्णाह्निककौमुदी · 4.235
॥
देवनागरी

अश्नुमः सह वयं त्वम् अमन्देसाधु साध्वि परिवेशय वृन्दे ।आलिभिर् नहि विना प्रतिप्रत्तुंशक्तिर् अस्ति मम किं पुनर् उत्तमम् ॥235॥

लिप्यंतरण (IAST)

aśnumaḥ saha vayaṁ tvam amandesādhu sādhvi pariveśaya vṛnde |ālibhir nahi vinā pratiprattuṁśaktir asti mama kiṁ punar uttamam ||235||

छन्द अज्ञात

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
अश्नुमः सह वयंaśnumaḥ saha vayaṁбудем есть вместе
त्वम् अमन्देtvam amandeты, усердная
साधु साध्वि परिवेशय वृन्देsādhu sādhvi pariveśaya vṛndeхорошо подавай, благая Вринда
आलिभिर् नहि विना प्रतिप्रत्तुंālibhir nahi vinā pratiprattuṁбез подруг принять
शक्तिर् अस्ति ममśaktir asti mamaнет у меня сил
किं पुनर् उत्तमम्kiṁ punar uttamamтем более — лучшее
अनुवाद

«Будем есть вместе! Ты, усердная, благая Вринда, подавай как следует: без подруг принять это я не в силах — тем более лучшее».

संस्करण

93dd7b448a36 · प्रकाशित 29 सित॰ 2026, 5:23:48 pm UTC

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