उपनिषद्
Авьякта-упанишадаAvyakta 4
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उपनिषद् · Avyakta 4
देवनागरी

तत्र यद्रक्तं तत्पुंसो रूपमभूत् । यद्धरितं तन्मायायाः

लिप्यंतरण (IAST)

tatra yadraktaṃ tatpuṃso rūpamabhūt | yaddharitaṃ tanmāyāyāḥ

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
तत्र यत् रक्तंtatra yat raktaṃто, что красное
तत् पुंसः रूपम् अभूत्tat puṃsaḥ rūpam abhūtстало обликом Мужа
यत् हरितं तत् मायायाःyat haritaṃ tat māyāyāḥчто зелёное — то майи
अनुवाद

И то, что красное, стало обликом Мужа; а что зелёное — то майи.

संस्करण

754dc04b2833 · प्रकाशित 3 अग॰ 2026, 12:49:01 am UTC

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