हरिभक्तिविलासः
Vilāsa 17: On Puraścaraṇa17.15गोपाल भट्ट गोस्वामी
7262 / 9434
Linux
पन्ने पलटें
हरिभक्तिविलासः · 17.15
॥
देवनागरी

अपि वाक्कमलैकमन्दिरं
परमं ते समुपैति तन्महः ॥15॥ इति ।

लिप्यंतरण (IAST)

api vāk-kamalaika-mandiraṁ
paramaṁ te samupaiti tan-mahaḥ ||15|| iti |

छन्द अज्ञात

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
परमंparamaṁвысшего
तेteони
समुपैतिsamupaitiдостигает
तन्-महःtan-mahaḥтого сияния
इतिiti— так сказано
अनुवाद

он станет обителью лотоса речи и достигнет того высшего сияния».

संस्करण

81689d4483a3 · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 3:46:27 pm UTC

उपलब्ध भाषाएँRU

श्लोक बदलें इन कुंजियों से