ललितमाधवम्
Act Five: Candrāvalī Found5.27रूप गोस्वामी
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ललितमाधवम् · 5.27
॥
देवनागरी

नारदः : क्रथकैशिकयोः सूक्तिर् इयम् ।
(पुनर् नेपथ्ये शङ्खध्वनिः ।)

लिप्यंतरण (IAST)

nāradaḥ : kratha-kaiśikayoḥ sūktir iyam |
(punar nepathye śaṅkha-dhvaniḥ |)

छन्द अज्ञात

अनुवाद

Нарада: Это прекрасные слова Кратхи и Кайшики. (Снова за сценой звук раковины.)

संस्करण

329932cc25bb · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 6:57:12 am UTC

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