ललितमाधवम्
Act Five: Candrāvalī Found5.29रूप गोस्वामी
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ललितमाधवम् · 5.29
॥
देवनागरी

(पुनर् निरूप्य) कथं क्रथकैशिकाभ्याम् अनुगम्यमानोऽयं पुरस्तात् परिक्रामति ।

लिप्यंतरण (IAST)

(punar nirūpya) kathaṁ kratha-kaiśikābhyām anugamyamāno’yaṁ purastāt parikrāmati |

अनुवाद

(Снова всмотревшись.) Как, вот он идёт впереди, а за ним Кратха и Кайшика?

संस्करण

e56462efb1ad · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 6:57:12 am UTC

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