भगवद्गीता
अर्जुन-विषाद-योग (अर्जुन के विषाद का योग)1.9
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भगवद्गीता · 1.9
देवनागरी

अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः ।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः ॥

लिप्यंतरण (IAST)

anye ca bahavaḥ śūrā madarthe tyaktajīvitāḥ |
nānāśastrapraharaṇāḥ sarve yuddhaviśāradāḥ ||

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
अन्येanyeअन्य, दूसरे।
caऔर।
बहवःbahavaḥअनेक, बहुत से।
शूराःśūrāḥवीर, शूरवीर।
मदर्थेmad-artheमेरे लिए, मेरे हेतु, मेरे निमित्त।
त्यक्तजीविताःtyakta-jīvitāḥप्राण त्यागने को तैयार, जीवन का त्याग करने वाले।
नानाशस्त्रप्रहरणाःnānā-śastra-praharaṇāḥनाना प्रकार के शस्त्रों से सुसज्जित।
सर्वेsarveसब।
युद्धविशारदाःyuddha-viśāradāḥयुद्धकला में निपुण, रण में अनुभवी।
अनुवाद

“और भी अनेक वीर हैं जो मेरे लिए अपने प्राण त्यागने को तैयार हैं। वे सब नाना प्रकार के शस्त्रों से सुसज्जित और युद्धकला में निपुण हैं।”

संस्करण

d1911d46f568 · प्रकाशित 2 जुल॰ 2026, 12:00:00 pm UTC

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