आनन्दवृन्दावनचम्पूः
The festival of the invitation10.28cकवि कर्णपूर
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आनन्दवृन्दावनचम्पूः · 10.28c
॥
देवनागरी

श्यामाह—“ललिते! ललितेयं ते भणितिः” इति ॥28॥

लिप्यंतरण (IAST)

śyāmāha—“lalite! laliteyaṁ te bhaṇitiḥ” iti ||28||

अनुवाद

Шьяма сказала: «Лалита, прелестна твоя речь!»

संस्करण

8563874291e2 · प्रकाशित 28 सित॰ 2026, 11:15:30 pm UTC

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