हरिभक्तिविलासः
Vilāsa 6: On Bathing the Lord6.112गोपाल भट्ट गोस्वामी
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हरिभक्तिविलासः · 6.112
॥
देवनागरी

हारीतः—
रात्राव् एता आपो वरुणं प्राविशन्त
तस्मान् न रात्रौ गृह्णीयात् ॥112॥

लिप्यंतरण (IAST)

hārītaḥ—
rātrāv etā āpo varuṇaṁ prāviśanta
tasmān na rātrau gṛhṇīyāt ||112||

छन्द अज्ञात

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
रात्राव्rātrāvночью
एताetāэти
आपोāpoводы
वरुणंvaruṇaṁв Варуну
प्राविशन्तprāviśantaвошли;
तस्मान्tasmānпотому
नnaне
रात्रौrātrauночью
गृह्णीयात्gṛhṇīyātпусть набирает.
अनुवाद

Харита: Ночью эти воды входят в Варуну; потому пусть не набирает воду ночью.

संस्करण

377a10a14279 · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 11:34:51 am UTC

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