भक्तिरसामृतशेषः
Prakāśa 4: On the Figures of Speech4.42जीव गोस्वामी
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भक्तिरसामृतशेषः · 4.42
॥
देवनागरी

तत् परम्परितं साङ्गं निरङ्गम् इति च त्रिधा ॥42॥

लिप्यंतरण (IAST)

tat paramparitaṁ sāṅgaṁ niraṅgam iti ca tridhā ||42||

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
तत्tatоно
परम्परितंparamparitaṁцепное,
साङ्गंsāṅgaṁс частями,
निरङ्गम्niraṅgamбез частей —
इतिitiтак
चcaи
त्रिधाtridhāтрояко
अनुवाद

Оно трояко: цепное, с частями и без частей.

संस्करण

cd01136339e8 · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 12:40:03 pm UTC

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