हरिभक्तिविलासः
Vilāsa 9: The Great Mercy9.128गोपाल भट्ट गोस्वामी
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हरिभक्तिविलासः · 9.128
॥
देवनागरी

रोपिता तुलसी यावत् कुरुते मूलविस्तरं ।
तावत् कोटिसहस्रं तु तनोति सुकृतं कलौ ॥128॥

लिप्यंतरण (IAST)

ropitā tulasī yāvat kurute mūla-vistaraṁ |
tāvat koṭi-sahasraṁ tu tanoti sukṛtaṁ kalau ||128||

Anuṣṭubh · pathyā · 8+8+8+8

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
रोपिताropitāпосаженная
तुलसीtulasīтуласи
यावत्yāvatсколько
कुरुतेkuruteделает
मूल-विस्तरंmūla-vistaraṁразрастание корней,
तावत्tāvatстолько
कोटि-सहस्रंkoṭi-sahasraṁтысяч миллионов
तुtuже
तनोतिtanotiумножает
सुकृतंsukṛtaṁзаслугу
कलौkalauв Кали.
अनुवाद

Насколько разрастаются корни посаженной туласи, столько тысяч миллионов раз она умножает заслугу в Кали.

संस्करण

270128b5a8b3 · प्रकाशित 24 सित॰ 2026, 11:34:52 am UTC

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