गोपालचम्पूः
The Entry into Goloka2.37.114जीव गोस्वामी
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गोपालचम्पूः · 2.37.114
॥
देवनागरी

देदेति चञ्चूर्ति जंहति जाहाति ।
चर्कर्ति सोषोप्ति पश्वालिर् अन्यापि ॥114॥

लिप्यंतरण (IAST)

dedeti cañcūrti jaṁhati jāhāti |
carkarti soṣopti paśv-ālir anyāpi ||114||

छन्द अज्ञात

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
देदेति चञ्चूर्तिdedeti cañcūrtiдают и снуют
जंहति जाहातिjaṁhati jāhātiскачут и бросают
चर्कर्ति सोषोप्तिcarkarti soṣoptiрезвятся и спят
पश्व्-आलिर् अन्यापिpaśv-ālir anyāpiи прочие звери
अनुवाद

„«И прочие звери то дают, то снуют, то скачут, то бросают, то резвятся, то спят»“.

संस्करण

78867ff8e10d · प्रकाशित 25 सित॰ 2026, 6:52:06 am UTC

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