उपनिषद्
Шандилья-упанишадаŚāṇḍilya 1.7.8
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उपनिषद् · Śāṇḍilya 1.7.8
देवनागरी

युक्तं युक्तं त्यजेद्वायुं युक्तं युक्तं च पूरयेत् । युक्तं युक्तं च बध्नीयादेवं सिद्धिमवाप्नुयात्

लिप्यंतरण (IAST)

yuktaṃ yuktaṃ tyajedvāyuṃ yuktaṃ yuktaṃ ca pūrayet | yuktaṃ yuktaṃ ca badhnīyādevaṃ siddhimavāpnuyāt

शब्दशः अर्थ
संस्कृतIASTअर्थ
युक्तं युक्तं त्यजेत् वायुंyuktaṃ yuktaṃ tyajet vāyuṃв меру, в меру да выпускает ветер
युक्तं युक्तं च पूरयेत्yuktaṃ yuktaṃ ca pūrayetв меру, в меру и да наполняет
युक्तं युक्तं च बध्नीयात्yuktaṃ yuktaṃ ca badhnīyātв меру, в меру и да замыкает
एवं सिद्धिम् अवाप्नुयात्evaṃ siddhim avāpnuyātтак достижения да обретёт
अनुवाद

«В меру да выпускает ветер, в меру да наполняет, в меру да замыкает: так обретёт он достижение».

संस्करण

9445c08db4b2 · प्रकाशित 2 अग॰ 2026, 6:22:44 pm UTC

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